हमारे नर्मदेश्वर शिवलिंग नर्मदा नदी से प्राप्त चुने हुए पत्थरों से बनाए जाते हैं। नर्मदेश्वर नाम धार्मिक और स्रोत-संबंधी पहचान है; यह अपने आप किसी एक वैज्ञानिक खनिज या चट्टान का नाम नहीं बताता। किसी विशेष पीस की भूवैज्ञानिक संरचना जानने के लिए उसी नमूने का अध्ययन चाहिए।
सभी पत्थरों का एक वैज्ञानिक नाम बताना क्यों सही नहीं?
केवल रंग, फोटो या व्यापारिक नाम से हर वस्तु को एक ही चट्टान-वर्ग में रखना उचित नहीं। एक जैसे दिखने वाले पत्थरों की संरचना अलग हो सकती है। बिना जाँच किसी नमूने को क्वार्ट्ज, बेसाल्ट या कोई अन्य निश्चित खनिज बताना भरोसेमंद विवरण नहीं है।
प्राकृतिक सामग्री और मशीन का काम
पत्थर प्राकृतिक होता है, लेकिन हमारे तैयार शिवलिंग का आकार मशीन से दिया जाता है। इसके बाद हाथ से फिनिश और पॉलिश होती है। आकार देने से सामग्री अपने आप कृत्रिम नहीं हो जाती। ग्राहक को यह दोनों बातें स्पष्ट बताई जानी चाहिए; “प्राकृतिक” शब्द से निर्माण छिपाना नहीं चाहिए।
जलाधारी की सामग्री भी पूछें
शिवलिंग और उसका आधार अलग-अलग पत्थरों के हो सकते हैं। केवल ऊपर वाले भाग को देखकर पूरा सेट एक ही सामग्री का न मानें। हमारे संग्रह में पत्थर की जलाधारियाँ मिलती हैं; किसी वस्तु को बिना पुष्टि संगमरमर न लिखें। अखंड डिजाइन में आधार और शिवलिंग एक ही पत्थर से तैयार होने का विवरण जाँचें।
स्रोत और संरचना की रिपोर्ट में अंतर
पत्थर के घटकों की जाँच और नदी-स्रोत का प्रमाण एक ही दावा नहीं हैं। कोई दस्तावेज मिले तो उसका जारीकर्ता और जाँच का दायरा पढ़ें। खरीद के लिए निर्माता की जानकारी, वास्तविक फोटो, माप और सामग्री का साफ वर्णन लें।
देखभाल
मुलायम कपड़े और साधारण पानी से सफाई करें। तेज अम्ल, रासायनिक क्लीनर, धातु से खुरचना और अचानक अधिक तापमान से बचें। विशेष कोटिंग या फिनिश हो तो निर्माता से उसकी देखभाल पूछें।